Cryptocurrency in Hindi

Cryptocurrency in Hindi
Spread the love

Cryptocurrency : क्या है डिजिटल करेंसी और कैसे करती है काम, यहां जानें ब्लॉकचेन से जुड़ी सभी अहम जानकारियां

Cryptocurrency इस तेजी से आगे बढ़ते डिजिटल वर्ल्ड में करेंसी ने भी डिजिटल रूप ले लिया है।

और इस डिजिटल करेंसी को ही  क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency ) कहा जाता है।

जैसे की बिटकॉइन जिस्का नाम आपने बहुत बार सुना है।

लेकिन ये क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency ) क्या है, कैसे इस्को उपयोग किया जाता है इस्के लाभ क्या है ऐसे सवाल के जवाब आपको इस लेख में मिल जाएंगे।

तो चलिये स्टार्ट करते हैं क्रिप्टो करेंसी के बारे में।

क्रिप्टो-करेंसी क्या है || Cryptocurrency Kya Hai

Cryptocurrency kya hai

क्रिप्टोकरेंसी Cryptocurrency  एक आभासी (Virtual)  मुद्रा होती है जिसे 2009 में परिचय किया गया था और पहली क्रिप्टोकरेंसी सबसे लोकप्रिय बिटकॉइन ही थी।

क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) कोई असली सिक्को या नोट जैसी नहीं होती है।

याने की इस मुद्रा को हम रुपियो की तरह हाथ में तो नहीं ले सकते हैं या अपनी जेब में भी नहीं रख सकते हैं।

लेकिन ये हमारे डिजिटल वॉलेट में सुरक्षित रहती हैं।

इसिलिए आप इसे ऑनलाइन करेंसी भी कह सकते हैं।

क्योंकि ये केवल ऑनलाइन मौजूद करती है।

बिटकॉइन से होने वाला पेमेंट कंप्यूटर के माध्यम से होता है।

  बिटकॉइन और सेंट्रल ऑथोरिटी

वैसे दोस्तो हम तो ये जानते ही है की हमारे भारतीय रुपये और इसी तरह यूरो, डॉलर जैसी मुद्रा पर सरकार का पुरा नियंत्रण होता है लेकिन बिटकॉइन जैसी मुद्रा पर ऐसा कोई नियंत्रण नहीं होता है।

इस वर्चुअल करेंसी पर गवर्नमेंट अथॉरिटी जैसे की सेंट्रल बैंक या किसी देश और एजेंसी का कोई कंट्रोल नहीं होता है।

जिसका मतलब है बिटकॉइन ट्रेडिशनल बैंकिंग सिस्टम को फॉलो नहीं करता है, ये कंप्यूटर वॉलेट से दूसरे  कंप्यूटर वॉलेट में ट्रांसफर होता है।

ऐसा नहीं है की क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) में बिटकॉइन ही एक मातृ क्रिप्टोकरेंसी है।

बल्की ऐसी 5000 से ज्यादा क्रिप्टोकरेंसी (Crypto currency) मौजुद है और कुछ लोकप्रिय क्रिप्टोकुरेंसी (Cryptocurrency) है

  • एथेरियम
  • रिपल
  • लाइटकोइन
  • टीथर
  • लिब्रा

इनमे आप निवेश कर सकते हैं और बिटकॉइन हि की तरह आप इस्को आसानी से ख़रीद और बेच सकते हैं।

हां ये बात अलग है की अभी सबसे ज्यादा लोकप्रिय क्रिप्टोकरंसी बिटकॉइन ही है।

और ये कितनी ज्यादा लोकप्रिय करेंसी है ये आपको इस बात से पता लग जाएगा कि अब दुनिया की बहुत सी कंपनी बिटकॉइन एक्सेप्ट करने लगी है।

और आगे और आगे इन कंपनी के नंबर तेजी से बढ़ेंगे ही ।

ऐसे में बिटकॉइन का इस्तेमाल करके शॉपिंग, ट्रेडिंग, फूड डिलीवरी, ट्रैवलिंग सब कुछ किया जा सकता है।

भारत में बिटकॉइन की स्थिति

इंडिया में धीरे-धीरे ही बिटकॉइन पेमेंट पॉपुलर फॉर्म बनते ही जा रही है।

इंडिया में इसकी स्लो स्पीड होने का एक कारण इस्का अवैध होना था।

क्योंकि क्रिप्टोकरेंसी को RBI के द्वारा बैन किया  गया था लेकिन अब मार्च 2020 में सुप्रीम  कोर्ट ने इस बैन को हटा दिया है।

याने की इंडिया में अब क्रिप्टोकरंसी (Cryptocurrency) का इस्तेमाल करना लीगल हो गया है और इसिलिए इंडिया में भी क्रिप्टोकरेंसी यूजर्स की सांख्य बढ़ने लगी है।

इंडिया में बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) का उतना लोकप्रिय ना होने का दूसरा  कारण ये है कि हमारा ये कॉन्सेप्ट रहता है कि निवेश करना हो से एफडी, म्यूचुअल फंड, शेयर और गोल्ड में ही करना चाहिए।

जो गलत तो नहीं है।

पर नए जमाने की इस नए करेंसी में निवेश करने के अपने अलग ही फायदे होते हैं।

जैसे की इसमे आप आसन से और फटाफट ट्रांजेक्शन कर सकते हैं।

बिटकॉइन पर भरोसा कैसे करे

  

इससे इंटरनेशनल ट्रांजेक्शन चुटकियों में पूरा किया जा सकता है।

आपको लेनदेन शुल्क ना के बराबर देना होता है।

इसमे कोई बीच वाला आदमी भी नहीं होता है।

और ये ट्रांज़िशन काफ़ी ज्यादा सुरक्षित और गोपनीय होते हैं।

अब बताइए हेना बिटकॉइन एक फायदे का निवेश।

और बिटकॉइन कोई नया अवधारणा तो है नहीं फेसबुक, Paypal, अमेज़ॅन और वॉलमार्ट जैसी बड़ी बड़ी कंपनी क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) से जुडी हुई है।

और तो और एलन मस्क जो दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति है, जैक डोर्सी, माइक टायसन, और कन्या वेस्ट जैसी पर्सनैलिटीज भी क्रिप्टोकरेंसी (Crypto currency) का उपयोग करते है।

USA, चीन, जापान, स्पेन और रोमानिया जैसा देशो में क्रिप्टोकरेंसी उपयोगकर्ता की सांख्य सबसे ज्यादा है।

अब इतना जान लेने के बाद हो सकता है आप भी बिटकॉइन में निवेश करने के लिए सोच रहे हैं।

तो आपको बता दे की क्रिप्टोकरेंसी को इस्तेमाल करना भी बहुत ही आसान होता है।

ये आपको उतना ही आसन लगेगा जितना की आप अमेज़न से अपने पसंदीदा उत्पाद को खरीदना लगता है।

किसने बनाई और क्यों बनाई? ||
Cryptocurrency kisne banai aur kiu

Cryptocurrency kya hai

क्रिप्टो करेंसी की शुरुआत हुई थी बिटकॉइन से।

और बिटकॉइन की शुरुआत हुई थी सतोशी नाकामोतो द्वारा जो जापान के रहने वाले हैं।

ऐसा माना जाता है कि सतोशी नाकामोतो ने 2009 में जब क्रिप्टोकरंसी का इजाद किया था तो यह एक करेंसी के रूप में इस्तेमाल करने के लिए नहीं किया था।

बल्कि यह इसलिए बनाया गया था ताकि या बता सके कि दो लोगों के बीच में ट्रांजैक्शन किसी तीसरी पार्टी के बिना भी हो सकता है।

22 मई 2010 को पहली बार एक पिज़्ज़ा के बदले 10000 बिटकॉइन की पेशकश की गई थी।

याने की तब 1 बिटकॉइन की कीमत 10 सेंट  से भी कम थी।

अब के  समय में बिटकॉइन की कीमत हजारों रुपए हो गई है क्योंकि उनके बारे में जानने वाले बहुत से लोग इसे खरीदने के लिए इच्छुक है।

Cryptocurrencies के प्रकार || Cryptocurrency ke Types

Cryptocurrency ke Types

बिटकॉइन के अलावा सारे क्रिप्टो करेंसी को ऑल्ट  कॉइन भी कहते हैं।

एथेरियम ,लाइट कॉइन , तेथेर , डोगेकोईन , स्टेलर , शीबा इनु ये सब क्रिप्टो करेंसी को ऑल्ट कॉइन कहते है ।

ऑल्ट  कॉइन को भी हम आमतौर पर 3 टाइप्स में डिवाइड कर सकते है।

सबसे पहला स्टेबल कॉइन।

स्टेबल कॉइन वह होते हैं जिसके पीछे किसी भी रिजर्व्ड  एसेट (Asset) की बैकिंग हो ।

रिजर्व्ड एसेट्स कोई भी कंट्री की करंसी या प्रेशियस मेटल जैसे गोल्ड सिल्वर

  • 1) बिटकॉइन

बिटकॉइन दुनिया की सबसे पुरानी और सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी है। यह 2009 में बनाया गया था।

यह पहली विकेन्द्रीकृत क्रिप्टोकरेंसी है जिसने अपनी ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग करके लेनदेन की सुविधा प्रदान की है।

लेखन के समय, बिटकॉइन की कीमत लगभग ₹ 37.34 लाख थी।

 

  • 2) एथेरियम

एथेरियम एक क्रिप्टोक्यूरेंसी नेटवर्क है जो स्मार्ट अनुबंधों की सुविधा के लिए ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग करता है।

यह एक विकेन्द्रीकृत (Decentralised) सॉफ्टवेयर है जो स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स को अपने नेटवर्क पर बनाने और बिना किसी नियंत्रण या किसी तीसरे पक्ष द्वारा धोखाधड़ी के डर के उस पर चलने की अनुमति देता है।

 

ईथर इथेरियम नेटवर्क पर लेनदेन को सक्षम करने के लिए उपयोग किया जाने वाला टोकन है।

इथेरियम की कीमत फिलहाल लगभग ₹2.46 लाख है।

 

  • 3) डॉगकॉइन (Dogecoin)

यह क्रिप्टोकरेंसी एक लोकप्रिय मेम का उपयोग करके बनाई गई थी जिसमें शीबा इनु कुत्ते को इसके आइकन के रूप में दिखाया गया था।

मेम बेहद लोकप्रिय था क्योंकि क्रिप्टोकरेंसी जिसकी कीमत टेस्ला के सीईओ एलोन मस्क से समर्थन प्राप्त करने के बाद आसमान छू गई थी।

 

मस्क ने मेम कॉइन का समर्थन करके पहले से ही अस्थिर क्रिप्टो बाजार को हिला देने में कामयाबी हासिल की।

 

डॉगकोइन, बिटकॉइन के विपरीत, खनन किए जा सकने वाले सिक्कों की संख्या की कोई सीमा नहीं है।

 

फिलहाल इसकी कीमत ₹22.49 है।

 

  • 4) कार्डानो

कार्डानो को गणितज्ञों, इंजीनियरों और क्रिप्टोग्राफरों की एक टीम द्वारा शोध-आधारित दृष्टिकोण के माध्यम से बनाया गया था।

क्रिप्टोकरेंसी के इकोसिस्टम में, कार्डानो अन्य क्रिप्टोकरेंसी की तुलना में अधिक टिकाऊ और संतुलित सिक्का होने का दावा करता है।

फिलहाल इसकी कीमत ₹210.78 है।

 

  • 5) लिटकोइन (एलटीसी)

इसे 2011 में MIT से स्नातक और Google में एक इंजीनियर चार्ली ली द्वारा बनाया गया था।

यह बिटकॉइन जैसी ही तकनीक का अनुसरण करने वाली पहली कुछ क्रिप्टोकरेंसी में से एक थी।

बिटकॉइन पर आधारित होने के बावजूद, लाइटकोइन तेजी से ब्लॉक उत्पन्न करता है, और इसलिए, तेजी से लेनदेन का समय प्रदान करता है।

फिलहाल इसकी कीमत ₹13,631 है।

Cryptocurrencies में invest कैसे करें? || Cryptocurrency me Invest Kaise Kare

Crypto currency me Invest Kaise Kare

स्टॉक मार्केट की तरह ही, क्रिप्टो मार्केट में एक्सचेंज या ब्रोकर होते हैं जो फैसिलिटेटर होते हैं।

ये एक्सचेंज अक्सर प्रत्येक लेनदेन के लिए शुल्क या कमीशन लेते हैं।

 

कोई बड़ी उपलब्धि प्राप्त करने पर यह एक्सचेंज या ब्रोकर आपको पुरस्कार भी देते हैं, कुछ उन्हें ज्वाइनिंग बोनस के रूप में देते हैं।

 

यह नीति प्रत्येक एक्सचेंज के साथ  अलग-अलग हो सकती है।

 

भारत में क्रिप्टोक्यूरेंसी के एक्सचेंज

भारत में कुछ शीर्ष क्रिप्टो एक्सचेंज हैं – वज़ीरएक्स, कॉइनडीसीएक्स, कॉइनस्विच कुबेर और यूनोकॉइन।

उपयोगकर्ताओं को अपने केवाईसी क्रेडेंशियल्स के साथ साइन अप करना होगा, ऐप डाउनलोड करना होगा और क्रिप्टोक्यूरेंसी खरीदना होगा।

 

ये एक्सचेंज आपको क्रिप्टोक्यूरेंसी के मूल्य की निगरानी करने और इसे खरीदने या बेचने में भी मदद करते हैं।

 

क्रिप्टो एक्सचेंज क्रिप्टोकुरेंसी के कब्जे के लिए निवेशकों पर भरोसा करते हैं।

 

ऐसा तब होता है जब उपयोगकर्ता बेचने के लिए क्रिप्टो जमा करते हैं और कुछ नए उपयोगकर्ता इसे खरीदने के लिए एक्सचेंज में आते हैं-जिससे ट्रेडिंग की सुविधा होती है।

 

क्रिप्टोक्यूरेंसी को आंशिक रूप से खरीदा जा सकता है।

 

उदाहरण के लिए,

यदि आप एक बिटकॉइन खरीदने के इच्छुक हैं तो आपको किसी भी चीज का मालिक होने के लिए एक पूर्ण बिटकॉइन (बीटीसी) खरीदने की आवश्यकता नहीं है।

 

आप बिटकॉइन का एक अंश खरीद सकते हैं।

 

आप कम से कम 0.0000000001 बीटीसी के मालिक हो सकते हैं।

यह सभी क्रिप्टोकरेंसी के मामले में है।

क्या आप मुफ्त में क्रिप्टोकरेंसी प्राप्त कर सकते हैं?

हां, आपको क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) खरीदने की जरूरत नहीं है।

 

आप कंप्यूटर के उपयोग के माध्यम से क्रिप्टोग्राफ़िक समीकरणों को हल करके भी क्रिप्टोक्यूरेंसी प्राप्त कर सकते हैं।

 

इस प्रक्रिया में डेटा ब्लॉक को मान्य करना और ब्लॉकचेन में लेनदेन रिकॉर्ड जोड़ना शामिल है।

 

यह भी ध्यान देने योग्य है कि बिटकॉइन जैसी कुछ क्रिप्टोकरेंसी आपूर्ति में सीमित हैं,

जिसका अर्थ है कि अधिकतम संख्या में सिक्के हैं जो कभी भी प्रचलन में रहेंगे।

इथेरियम जैसे अन्य लोगों की अधिकतम सीमा नहीं है, लेकिन प्रत्येक वर्ष उत्पन्न होने वाले नए सिक्कों की संख्या को सीमित करें।

आप क्रिप्टोक्यूरेंसी के साथ क्या खरीद सकते हैं?

भारत धीरे-धीरे इसे एक वैध भुगतान पद्धति के रूप में स्वीकार करने के विचार के लिए खुल रहा है।

क्रिप्टोक्यूरेंसी के साथ कुछ व्यावहारिक मुद्दे हैं- क्योंकि इसका उपयोग दैनिक लेनदेन के लिए बिल्कुल नहीं किया जा सकता है।

 

हालांकि, भुगतान की सुविधा के लिए आपके क्रिप्टो का उपयोग करने के तरीके हैं।

 

बिटकॉइन ट्रेडिंग साइट यूनोकॉइन अब अपने उपयोगकर्ताओं को बिटकॉइन का उपयोग करके 90 से अधिक विभिन्न ब्रांडों के वाउचर खरीदने की अनुमति दे रही है।

 

इन वाउचर का उपयोग करके, आप डोमिनोज़ पिज्जा, बास्किन रॉबिंस से आइसक्रीम, हिमालय से सौंदर्य और स्वास्थ्य उत्पाद और यहां तक कि प्रेस्टीज से घरेलू उपकरण भी खरीद सकते हैं।

अमेरिका में, होल फूड्स, नॉर्डस्ट्रॉम, ईटीसी, एक्सपीडिया और पेपाल (Paypal) जैसे खुदरा विक्रेता अब लोगों को क्रिप्टो का उपयोग करके भुगतान करने दे रहे हैं।

CryptoCurrency के फायदे

सबसे बड़ा फायदा किसी भी क्रिप्टोकरंसी को यूज करने में होता है वह है उसका डिसेंट्रलाइज्ड होना ।

कोई भी क्रिप्टो करेंसी है चाहे वह बिटकॉइन हो एथेरियम हो या कोई भी क्रिप्टो करेंसी हो वह किसी भी सेंट्रलाइज्ड अथॉरिटी से डिपेंडेंट नहीं है।

डिसेंट्रलाइजेशन का मतलब होता है कि जो भी बॉडी है वह सेंट्रलाइज्ड नहीं है ।

याने कि जैसे मान लीजिए बैंकिंग सिस्टम है अपने इंडिया का वह RBI द्वारा कंट्रोल किया जाता है क्रिप्टो करेंसी के केस में ऐसा कुछ भी नहीं है।

 

2. ग्लोबल उपयोग :-

 

दूसरा जो फायदा है क्रिप्टो करेंसी का वह यह है कि इसको आप इंटरनेशनल याने के बाहर के देश में भी  उपयोग कर सकते हैं।

मतलब दुनिया के किसी भी कोने में उसका यूज़ किया जा सकता है।

बहुत  सी ट्रैवलिंग एजेंसी भी है और फॉरेन के लोग भी हैं जो क्रिप्टो करेंसी में पेमेंट एक्सेप्ट करते हैं ।

मतलब पहले इंटरनेशनल आपको जाना रहता था तो काफी दिक्कत रहती थी।

कहां से अपनी करेंसी एक्सचेंज कराएं कहां से इंडियन रुपीस देकर वहां उस देश की करेंसी अपने पास में ले ।

क्रिप्टो करेंसी की मदद से आपका वह समय बचता है और काफी चीजें आसान हो जाती हैं।

3.कम संचालन लागत

तीसरा जो इसका फायदा है कि यह लोग ऑपरेशनल कॉस्ट है।

यानी कि इसमें को ऑपरेट करने के लिए बहुत ही लोग फ्रीज या बहुत कम ट्रांजैक्शन चार्ज लगता है।

 

4. लेन-देन की असीमित संख्या :-

जैसे कि आपको पता है यूपीआई 1 दिन में आप सिर्फ ₹50000 तक का लेन देन कर सकते हो।

यानी कि RBI ने एक लिमिट लगा कर रखी है कि आप दिन में 50000 या फिर जितना भी लिमिट है उतनी ही लेन देन बस कर सकते हैं उससे ज्यादा नहीं।

क्रिप्टो में ऐसा नहीं है।

आप कितनी भी ट्रांजैक्शन कर सकते हैं।

इसका मतलब यह है कि आप एक ही दिन में हजारों बंधुओं को लाखों करोड़ों रूपए की ट्रांजैक्शन भेज सकते हो।

5. तेजी से लेनदेन

 तो अगला फायदा क्रिप्टो करेंसी का यह है कि इसकी लेनदेन बहुत तेजी से होती है ।

आपको तुरंत तुरंत एक जगह से दूसरी जगह पैसे भेजा जा सकता है इसमें आपको इंतजार  नहीं करना पड़ता है।

Cryptocurrency के नुकसान

  • अवैध लेनदेन के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है –

चूंकि क्रिप्टोक्यूरेंसी लेनदेन की गोपनीयता और सुरक्षा अधिक है, इसलिए सरकार के लिए किसी भी उपयोगकर्ता को उनके वॉलेट पते से ट्रैक करना या उनके डेटा पर नजर रखना मुश्किल है।

 

 अतीत में बहुत सारे अवैध सौदों में बिटकॉइन का उपयोग पैसे के आदान-प्रदान के एक तरीके के रूप में किया गया है, जैसे कि डार्क वेब पर ड्रग्स खरीदना।

 

कुछ लोगों द्वारा अपने स्रोत को छिपाने के लिए, एक स्वच्छ मध्यस्थ के माध्यम से अपने अवैध रूप से प्राप्त धन को परिवर्तित करने के लिए क्रिप्टोकरेंसी का भी उपयोग किया जाता है।

 

  • डेटा हानि से हो सकता है आर्थिक नुकसान –

 

डेवलपर्स लगभग अप्राप्य स्रोत कोड  यानी कि जिसका कोई निशान ना हो, मजबूत हैकिंग सुरक्षा और अभेद्य प्रमाणीकरण प्रोटोकॉल बनाना चाहते थे।

यह भौतिक नकदी या बैंक तिजोरी की तुलना में क्रिप्टोकरेंसी में पैसा लगाना सुरक्षित बना देगा।

 

लेकिन अगर कोई उपयोगकर्ता अपने बटुए की निजी कुंजी खो देता है, तो उसे वापस नहीं मिलेगा।

 

वॉलेट बंद रहेगा और इसके अंदर जितने सिक्के होंगे। इससे यूजर को आर्थिक नुकसान होगा।

 

  • विकेंद्रीकृत लेकिन फिर भी किसी संगठन द्वारा संचालित –

क्रिप्टोकरेंसी विकेंद्रीकृत होने की अपनी विशेषता के लिए जानी जाती है।

लेकिन, बाजार में कुछ मुद्राओं का प्रवाह और मात्रा अभी भी उनके रचनाकारों और कुछ संगठनों द्वारा नियंत्रित की जाती है।

 

ये धारक इसकी कीमत में बड़े उतार-चढ़ाव के लिए सिक्के में हेरफेर कर सकते हैं।

 

यहां तक कि अत्यधिक कारोबार वाले सिक्के भी बिटकॉइन जैसे इन जोड़तोड़ के लिए अतिसंवेदनशील होते हैं,

जिसका मूल्य 2017 में कई बार दोगुना हो गया।

  • कुछ सिक्के अन्य फिएट मुद्राओं में उपलब्ध नहीं हैं –

कुछ क्रिप्टोकरेंसी का कारोबार केवल एक या कुछ फिएट मुद्राओं में किया जा सकता है।

 

यह उपयोगकर्ता को इन मुद्राओं को पहले बिटकॉइन या एथेरियम जैसी प्रमुख मुद्राओं में से एक में बदलने के लिए मजबूर करता है ।

और फिर अन्य एक्सचेंजों के माध्यम से अपनी वांछित मुद्रा में परिवर्तित करता है।

 

यह केवल कुछ क्रिप्टोकरेंसी पर लागू होता है।

 

ऐसा करने से, अतिरिक्त लेनदेन शुल्क प्रक्रिया में जुड़ जाते हैं, जिससे अनावश्यक धन खर्च होता है।

 

  • पर्यावरण पर खनन के प्रतिकूल प्रभाव –

 

खनन क्रिप्टोकरेंसी के लिए बहुत अधिक कम्प्यूटेशनल शक्ति और बिजली इनपुट की आवश्यकता होती है,

जिससे यह अत्यधिक ऊर्जा-गहन हो जाता है।

 

इसमें सबसे बड़ा अपराधी बिटकॉइन है।

 

माइनिंग बिटकॉइन के लिए उन्नत कंप्यूटर और बहुत सारी ऊर्जा की आवश्यकता होती है।

 

यह साधारण कंप्यूटरों पर नहीं किया जा सकता है।

 

प्रमुख बिटकॉइन खनिक चीन जैसे देशों में हैं जो बिजली उत्पादन के लिए कोयले का उपयोग करते हैं।

इससे चीन के कार्बन फुटप्रिंट में जबरदस्त इजाफा हुआ है।

शिवम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *