What is Metaverse in Hindi

What is Metaverse in Hindi
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Metaverse को मेटा भी कहते है।

 

नमस्कार दोस्तो, क्या आप ऐसी दुनिया के बारे में सोच सकते हैं जो असल में न हो मगर वह सब कुछ असली हो।

 

बचपन में हम सब ने अनी नानी मां की कहानियां में ये सुना है कि ऐसी कोई दुनिया होगी। लेकिन अब ये हकीकत है।

 

जैसा की हम सब जनता है सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने अपना Metaverse बनाने की घोषणा कर दिया है।

 

यहां पर कुछ भी असली नहीं होगा लेकिन सब कुछ असली होगा।

 

अब ये थोड़ा कॉम्प्लेक्स सा लग रहा है दोस्तो।

 

तो चले इसे हम आसन शब्द में समझते हैं।

 

दोस्तो अगर में आपसे कहू की अभी हम जिस दुनिया में रह रहे हैं वो बदलने वाली है। 

 

ज्यादा नहीं आने वाले 10-15 सालो में।

 

अब आप लोगो के मन में ये ख्याल जरूर आ गया होगा की बहुत ऐसी कोंसी तकनीक आने वाली है जिससे ये संभव होगा।



मैं जिस तकनीक की बात कर रहा हूं उसका नाम है Metaverse।

 

अब Metaverse कैसे तकनीक है, कैसी है, कैसा इसका उपयोग किया जाता है ये सब जानते हैं।

 

सभी सवालों का जवाब में आपको इस लेख में देने जा रहा हूं

 

तो लेख को ठीक से आखिर तक पढे और अच्छे से समझे ।

Metaverse in Hindi

Metaverse in HIndi

Meta एक ऐसी तकनीक है जिस की मदद में हमारी भविष्य की एक दुनिया तयार हो रही है।

 

Metaverse को यू तो समझना आसान नहीं है मगर सीधे और आसान शब्द में बात की जाए तो Metaverse एक तरह की आभासी दुनिया है।

 

Meta इंटरनेट की एक ऐसी वर्चुअल दुनिया है जो बिलकुल असली है।

 

दिखने में तो असली लगती है लेकिन असल में वो असली नहीं है।

 

आप एक 3-D अवतार के थ्रू आप उसमें आपको आपको देख सकते हैं। 

 

और आप उसमें वो सारे चेजे कर सकते हैं जो आप अपनी रियल लाइफ में करते हैं।

 

उदाहरण के लिए, आप वहा जमीन खरीद के घर बना सकते हैं। 

 

आप मीटिंग अटेंड कर सकते हैं, पार्टी कर सकते हैं, गेमिंग कर सकते हैं और भी कुछ कुछ।

 

पर हां खाना पीना नाहना धोना ये सब आपको असली दुनिया में ही करना पड़ेगा।मतलब की ये चेजे नहीं कर पाएंगे।

 

Metaverse की दुनिया लगती बिलकुल रियल है पर है नहीं कितनी अजीब बात है। 

 

सपनों की तरह है बिलकुल। 

 

जो आप सपना देखते हैं Metaverse में वो आप कर सकते हैं।

 

अब आपको ये बताऊंगा दोस्तो की अखिर Metaverse का मतलब क्या है?

 

Metaverse का मतलब है एक ऐसा ब्रह्मांड जो हमारी सोच से बिलकुल पारे है और बिलकुल काल्पनिक है।

 

वैसा तो आप लोगो को समझ में तो आ गया होगा Metaverse दो सबो के मेल से बना है “मेटा” और “वर्स “।

 

आप लोगो ने नोटिस तो किया ही होगा की फेसबुक ने अपना नाम चेंज करके मेटा रख लिया है।

 

तबसे ही Metaverse और हाइलाइट हुआ है।

 

मेटा का मतलब होता है परे मैटलबिमाजिनरी आपकी सोच से भी परे। 

 

और “वर्स ” का मतलब होता है ब्रह्मांड।

 

दोनो को मिला के Metaverse बना है।

 

क्या Facebook का नाम बदल दिया गया है “meta”?

Facebook as Meta

सोशल मीडिया प्लेटफार्म “फेसबुक” ने अपना नाम बदल कर “मेटा” कर  लिया है। 

 

फाउंडर मार्क जुकुरबर्ग ने एक मीटिंग के दौरान फेसबुक का नाम बदलने की घोषणा कि  थी। 

 

लम्बे समय से फेसबुक के  नाम बदलने की चर्चा चल रही थी।

 

अब फेसबुक का नया नाम “मेटा” कर दिए है। 

 

मार्क ज़ुकरबर्ग काफी लम्बे समय से अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म की दोबारा ब्रांडिंग करना चाहते है। 

 

ज़ुकेरबर्ग इसे अलग पहचान देना चाहते है। 

 

एक ऐसी पहचान जहा पर फेसबुक को सिर्फ  एक सोशल मीडिया प्लेटफार्म के तौर पर ना देखा जाये।  

 

यही सोच के साथ आगे बढ़ते हुए उन्होंने फेसबुक का नया नाम मेटा किआ हुआ है। 

 

कंपनी का  फोकस अब एक Metaverse बनाने पर है। 

 

जिसके जरिये एक ऐसी वर्चुअल दुनिआ का आगाज हो जायेगा जहा पर ट्रांसफर और कम्युनिकेशन के लिए अलग अलग टूल का इस्तेमाल किआ जा सकेगा।  

 

अब इस नए नाम के जरिये वो पूरी दुनिया के सामने खुद को एक सोशल मीडिया प्लेटफार्म तक  सीमित नहीं  रखने वाले है। 

 

अब कंपनी ने अपना  नाम तो बदला ही है और इसके आलावा कई लोगो के लिए कंपनी ने रोज़गार के मौके भी खोल दिए है। 

 

फेसबुक अपने आपको दोबारा रिब्रांड तो कर ही रहा है। 

 

इसके अलावा 10000 नए लोगो को नौकरी पर रखने की तैयारी कर रहा है। 

 

ये सभी लोग Metaverse की दुनिया बनाने में मदद करने वाले है। 

 

फेसबुक और यूजर डाटा 

 

वैसे कंपनी की तरफ से नाम बदलने का ये बड़ा कदम उस समय उठाया गया जब कंपनी पर कई बड़े आरोप लग रहे है। 

 

कहा जा रहा है की कंपनी अपने यूजर तक के डाटा को सुरक्षित नहीं रख पा रही है। 

 

हाल ही में फेसबुक के पूर्व कर्मचारी ” फ्रांसिस हॉकर ” ने कंपनी के कुछ सीक्रेट डाक्यूमेंट्स लीक किये थे। 

 

जिसमे सामने आया की कंपनी ने ज्यादा महत्व यूजर की सुरक्षा को नहीं बल्कि अपने फायदे को दिए था। 

 

मार्क ने इन आरोपों को झूठा बता दिया था लेकिन  कंपनी की काफी किरकिरी हुई थी। 

 

ऐसे में जब कंपनी ने अपना नाम बदला है तब कंपनी ने लोगो की प्राइवेसी का ख़ास  ध्यान रखा है। 

 

उन्होंने कहा आने वाले समय में ऐसे सेफ्टी कंट्रोल  की जरुरत पड़ेगी।  

 

जिससे Metaverse की दुनिये में किसी इंसान को किसी दूसरे इंसान की पर्सनल स्पेस में जाने की इजाजत ना मिले। 

 

वहीं ध्यान देने वाली बात ये है की कंपनी ने अपना कोआपरेट नाम बदला है, 

 

याने की ये बदलाव फेसबुक , इंस्टाग्राम और whatsapp जैसे app  पर लागू  नहीं होगा। 

 

Metaverse कैसा नज़र आने वाला है?

What is the Metaverse going to look like?​

इस साल Metaverse में बहुत कुछ हुआ है। और यह गति अगले साल भी जारी रहने की संभावना है।

 

Metaverse को ऐसे समझना थोड़ा मुश्किल है की आने वाले टाइम में Metaverse कैसा होगा। 

 

तोह चलिए इसको एक उदहारण के रूप में समझते है। 

 

मान लीजिये आपका कोई अपना आपसे काफी दूर दूसरे देश में रहता है, 

 

और उसका फ़ोन आता है तो Metaverse की टेक्नोलॉजी कुछ इस प्रकार होगी की आप उसको फील कर सकते हो। 

 

मान लीजिये आप पढ़ने  के लिए कही बाहर  गए है और आपकी माँ का फ़ोन आता है तो ,

Metaverse की टेक्नोलॉजी के जरिये कुछ ऐसा होगा की आप अपनी माँ का टच आप फील कर पाओगे। 

 

आपकी जैकेट में सेंसर लगा होगा और आपकी माँ ने हाथ में कुछ इस तरह टेक्नोलॉजी के भरपूर ग्लोव पहने होंगे कि  आपको विर्तुअली हग कर सकती है और आप उस हग को फील कर पाओगे। 

 

दूसरे उद्धरण से समझे तो जैसे आज कल आपको प्रॉपर्टी देखने जाना पड़ता है ,

आने वाले समय में आपको खुद जाने की जरुरत नहीं होगी,

 

आपका एक डिजिटल अवतार उस जगह पहोच जायेगा और आप बड़े आराम से उस प्रॉपर्टी को देख सकते हो और चेक कर सकते हो। 

Metaverse हमारे जीवन में कब तक प्रवेश करेगा

When will the Metaverse enter our lives?

हलाकि इसको कोई सही जवाब तो किसी को पता नहीं है पर जिस तरह से टेक्नोलॉजी में तेज़ी आ रही है आने वाले 10 – 15  सालो में ये सब बहोत जल्दी ही संभव हो जायेगा। 

 

वैसे फेसबुक ने इस प्रोजेक्ट पर काम चालू कर दिए है। 

 

तभी उन्होंने अपना नाम बदल कर “मेटा” कर लिए है और अपने आपको पहली Metaverse कंपनी बना लिए है। 

 

हो सकता है सबसे पहले इस टेक्नोलॉजी को फेसबुक ही लेके आये। 

 

वैसे इस टेक्नोलॉजी के पीछे कई बड़ी बड़ी कम्पनिया अरबो करोडो खर्च कर रही है। 

 

तोह ये सब देख कर लगता है आने वाले 10 – 15  साल में ये सब बहोत जल्द देखने मिलेगा। 

Metaverse दिखने में कैसा रहेगा

What will the Metaverse look like

इसको अगर बिलकुल आसान भाषा में समझे की आखिर वह कैसा होगा आने वाले समय में। 

 

तोह वह कुछ इस प्रकार दिखेगा। 

 

Metaverse एक बिलकुल वर्चुअल गेम के जैसे होगा जहा लोग अपना काम तो करेंगे लेकिन बेहद कम समय में। 

 

लोगो का मिलना जुलना केवल वर्चुअल ही होगा। 

 

जो सारे काम हम अपने रियल दुनिया में करते है वो सारे काम हम घर बैठे वर्चुअल दुनिया में भी कर पाएंगे। 

 

ये वर्चुअल गेम जैसी दुनिया एक व्यापक जाल होगा।

 

ये सब जानने  के बाद आप सब ये जरूर जानना चाहेंगे की Metaverse का वास्तविक अनुभव कैसा रहेगा ?

 

जैसा की आप सब समझ ही गए होंगे की Metaverse एक वर्चुअल दुनिया होगी जहा पर लोग सारे काम वर्चुअली कर रहे होंगे जैसे घूमना फिरना , पार्टी करना , एक दूसरे से मिलना , घर खरीदना , गेम खेलना , आदि। 

 

ये सब  एक wrist band और VR Glass से संभव हो पायेगा।  

 

वैसे मैं  ये सब सिर्फ अनुमान लगा रहा हु असल में हो सकता है Metaverse इन् सबसे बहोत आगे हो। 

 

वैसे इस  वर्चुअल दुनिया में कुछ भी खरीदा और बेचा जा सकेगा और वहा पर ये सब करने के लिए डिजिटल करेंसी की जरुरत पड़ेगी। 

इंटरनेट की दुनिया Metaverse

Metaverse इंटरनेट की एक अलग ही दुनिया होगी। 

 

फिलहाल तो बास अभी हम लोग सोशल मीडिया में आपस में चैट  और विडिओ कॉल्स ही कर सकते है। 

 

लेकिन Metaverse में आप अपने प्रियजन से मिल भी पाएंगे और उन्हें महसूस कर पाएंगे जिससे आपको एक अलग ही अनुभव होगा। 

 

ऐसा होने पर हम सब केवल इंटरनेट की दुनिया में ही खोये रहेंगे। 

 

अब  हो सकता है मेरी तरह आपके भी मन में आ रहा होगा की हम आखिर इस दुनिया में जायेगे कैसे ?

 

तोह दोस्तों ये कोई असल दुनिया नहीं होगी ये एक वर्चुअल दुनिया होगी। 

 

 ये केवल एक इंटरनेट की दुनिया होगी। 

 

इसका अनुभव लेने के लिए VR Glasses  की जरुरत होगी और एक कंप्यूटर की हो सकता है ये सब मोबाइल से  भी संभव हो जाए या किसी नयी तकनीक से। 

 

जिसकी मदद से आप वर्चुअल दुनिया से वर्चुअली कनेक्ट हो पाएंगे। 

Metaverse की 3D दुनिया कैसी रहेगी

What will the 3D world of Metaverse be like?

वैसे आपको Metaverse की दुनिया में जाने के लिए कोई लम्बी यात्रा नहीं करनी पड़ेगी बल्कि आप घर में बैठे बैठे ही इस दुनिया में जा सकेंगे। 

 

आपका शरीर  तो आपके घर में ही होगा लेकिन आप होंगे एक ऐसी आभासी दुनिया में जहा पर आप घूम सकते है , शॉपिंग कर सकते है , नए नए दोस्त बना सकते है , गेम्स खेल सकते है।  

 

ऑनलाइन ट्रिप पर या आर्ट वर्क बना और देख सकते है। 

 

वही आप डिजिटल कपडे तरय करने के सात सात खरीद भी सकते है। 

 

वर्क फ्रॉम होम तोह और भी सामान्य सी बात हो जाएगी।  

 

इतना ही नहीं आप इस दुनिया में रह कर काम धंदा या नौकरी भी कर सकेंगे। 

 

इसके लिए आपको घर से निकलने की भी जरुरत नहीं पड़ेगी। 

 

Metaverse की 3-D दुनिया में आपका एक अलग नाम और पहचान होगी। 

 

आप जब चाहे अपने अवतार को बदल कर मन चाहे शहर  की सैर कर सकेंगे। 

 

अब ये 3-D दुनिया कैसी होगी इसको एक उद्धरण के तौर पर समझते है। 

 

मान लीजिये आप वर्चुअल दुनिया में एक सड़क किनारे टहल रहे होंगे और आपको वह किसी दूकान पर रखा टीवी पसंद आ जायेगा, 

 

तो आप उस टीवी को खरीद भी सकते है अपने डिजिटल करेंसी की मदद से और वो सीधा आपके घर पर डिलीवर हो जायेगा। 

 

इसका मतलब आप वर्चुअल शॉपिंग करके रियल वर्ल्ड के सामान भी खरीद और बेच सकेंगे।

Metaverse से हमारे जीवन में क्या बदलाव आएगा

How the Metaverse will change our lives

अब बात करते है  टेक्नोलॉजी के आने से हमारे जेवण में क्या क्या बदलाव आएंगे। 

 

मेटा के सीईओ Mark zukerberg ने इसे “आभासी वातावरण” के रूप में वर्णित किया, जहां लोग इसे केवल एक स्क्रीन पर देखने के बजाय अंदर जा सकते हैं। 

 

वे वर्चुअल रियलिटी (VR) हेडसेट, ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) ग्लास, स्मार्टफोन ऐप या अन्य डिवाइस का उपयोग करके डिजिटल दुनिया में मिल सकते हैं, काम कर सकते हैं और खेल सकते हैं.

 

आने वाले वर्षो में कल्चरल और टूरिज्म सेक्टर में Metaverse के  बहोत  एप्लीकेशन या  यूज़ दिखाई देंगे। 

 

जब हम यात्रा करते हैं, तो हम संस्कृति और भूमि को बहुत दूर देखना चाहते हैं। 

 

और Metaverse हमारे द्वारा अनुभव किए जाने वाले समय और स्थान का विस्तार कर सकता है। 

 

इसके माध्यम से हम प्राचीन काल के लोगों को अपनी भौतिक दुनिया में देख सकते हैं, एक ऐसी दुनिया जहां वास्तविक और आभासी मिलते हैं।

 

इस बीच, Metaverse लोगों को अपने घरों से बाहर निकले बिना वीआर उपकरणों का उपयोग करके दुनिया भर में “यात्रा” करने की अनुमति देगा, जो कई लोगों के लिए आकर्षक हो सकता है।

Metaverse का एहसास कैसा रहेगा

How will the Metaverse feel

इसका एहसास कुछ ऐसा होगा कि ,

 

Metaverse एक वर्चुअल दुनिया की तरफ जाने एक तकनीक है।  इसकी मदद से हम दूसरी दुनिया जिसे हम वर्चुअल दुनिआ कहते है वहा नहीं होकर भी होंगे। 

 

जैसे मान लीजिये आप किसी बहोत दूर देश में रह रहे होते है और आपको अपने घर में अपने पिताजी से बात करनी है तो,

 

 Metaverse तकनीक की मदद से यह संभव हो पायेगा की आप उनसे बात कर पाएंगे इस एहसास के सात जैसे वो आपके सामने बैठ कर ही बात कर रहे हो आपसे। 

 

एक और उद्धरण के रूप में समझते है :-

 

अगर आप ऐसा देख रहे है की आप माउंट एवेरस्ट पर चढ़ रहे है, 

 

आपको यह एहसास हो रहा है की आप माउंट एवेरस्ट पर चढ़ रहे है मगर असल में ऐसा हो नहीं रहा होगा तो ये Metaverse तकनीक की मदद से संभव हो पायेगा। 

 

वर्चुअल दुनिया में आप ऑब्जेक्ट को 3 – D  स्ट्रक्चर के रूप में देख पाएंगे।  

 

उन्हें महसूस कर पाएंगे , उनका एहसास कर पाएंगे।

Metaverse के रियल लाइफ उदाहरण

Real Life Examples from the Metaverse​

अब हम Metaverse के कुछ ऐसे उदाहरणों से गुजरेंगे जहां हमने पहले इस तकनीक का इस्तेमाल करते हुए देखा है। 

 

वर्तमान में इस तकनीक का उपयोग एपिक और फ़ोर्टनाइट गेम जैसे ऑनलाइन गेम में किया जा रहा है, 

 

जहाँ गेमर आभासी दुनिया में जाकर गेम खेलता है, 

 

हाल ही में एपिक गेम्स ने एक संगीत संगीत कार्यक्रम की मेजबानी की जिसमें लोगों ने आभासी दुनिया की भूमिका निभाई। 

 

इस तरह से भाग लिया जिसका अर्थ है कि लोग अपने कार्यालय और घर में आयोजित होने वाले संगीत समारोहों का आनंद ले रहे थे।

 

  रेडी प्लेयर वन जो कि एक बहुत ही लोकप्रिय उपन्यास है। 

 

इस उपन्यास की कहानी Metaverse की दुनिया को भी दर्शाती है, इसके अलावा इस उपन्यास पर एक हॉलीवुड फिल्म भी बनाई गई है।

Metaverse से क्या कोई खतरा?

Are there any dangers from the Metaverse?​

बीते कुछ दिनों में प्राइवेसी को लेकर सरकार और फेसबुक/टि्वटर के बीच कई मुद्दे उठे 

इस प्रकार वर्चुअल दुनिया की बात आते ही सबसे पहले दिमाग में प्राइवेसी को लेकर कई सवाल आते हैं 

हर व्यक्ति अपनी प्राइवेसी को सुरक्षित रखना चाहता है कोई भी व्यक्ति नहीं चाहेगा की कोई दूसरा व्यक्ति उसकी प्राइवेसी का हनन करें

Metaverse वो टेक्नोलॉजी है जहां वर्चुअल और रियल दुनिया के बीच कोई फर्क नहीं रह जाएगा 

 

ऐसे में जानी मानी बात है कि जब इतने व्यापक रूप से टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा तो प्राइवेसी का खतरा तो बढ़ेगा ही, कंपनी हमारे निजी बातचीत और निजी डेटा पर नियंत्रण कर सकेगी

Metaverse की विशेषताएं और फायदे

Features and Benefits of Metaverse​

Meta के हमारे जीवन में आने से हमें इसके कुछ लाभ प्राप्त होंगे जो इस प्रकार हैं:-

 

  • Metaverse के माध्यम से, हम वस्तुतः अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ मिल सकेंगे।

  • इसकी मदद से हम किसी भी वर्चुअल कंसर्ट में जा सकते हैं, किसी भी तरह की यात्रा कर सकते हैं, आर्टवर्क देख सकते हैं और बना सकते हैं, इसके अलावा बिजनेस करना और मीटिंग अटेंड करना काफी आसान हो जाएगा। यह Metaverse के माध्यम से संभव होगा।

  • इसकी मदद से हम वर्चुअल लाइफ और रियल लाइफ के बीच के सही अंतर को समझ पाएंगे।

  • Metaverse इंटरनेट का एक अपडेटेड वर्जन है, जिसकी मदद से हम एक-दूसरे से दूर होने पर भी वर्चुअल वर्ल्ड में टच, फील, हैंड शेक कर सकते हैं, जिससे रियल वर्ल्ड से वर्चुअल वर्ल्ड की दूरी पूरी तरह से दूर हो जाती है। .

  • इस वर्चुअल तकनीक के जरिए कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए हर तरह के उपकरण यहां तक कि घर और कार जैसी चीजें भी खरीद सकेगा।

Metaverse के नुकसान

Disadvantages of Metaverse

जब भी कोई नई तकनीक का अविष्कार होगा, जहां हमें उसका पूरा लाभ मिलेगा, उसके हानिकारक प्रभाव भी भविष्य में सामने आएंगे। 

 

लोग अपना ज्यादातर दिन इसी में बिताएंगे, निजी जीवन में लोगों के बीच दूरियां बनी रहेंगी। 

 

इसके अलावा और भी कई खतरनाक असर देखने को मिलेंगे.

Metaverse की चुनौतियां

Challenges of the Metaverse

Metaverse बनाना काफी चुनौतियों से भरा होगा। 

 

इस तरह की तकनीक के लिए बुनियादी ढांचे की जरूरत है, फिलहाल वह हमारे बीच नहीं हैं।

 

आज इंटरनेट में इस्तेमाल होने वाले एक डिजाइन तक सीमित है। 

 

Metaverse से हम इंटरनेट की स्पीड बढ़ाते हैं। 

 

अब 4जी तेज नेटवर्क के रूप में उस समय उपलब्ध है जब लाखों लोग Metaverse के साथ बैठक करेंगे और किसी भी गेम को संभालना मुश्किल होगा।

 

Metaverse को बढ़ाने के लिए हमें 6G की जरूरत पड़ेगी। 

 

Metaverse के उपयोग पर सुरक्षा डेटा से संबंधित इंटरऑपरेबल ने सवाल उठाए। 

 

सुरक्षा के लिए उपयोगकर्ताओं की सहमति की आवश्यकता वाला डेटा। 

 

Metaverse को संचार, रिपोर्टिंग, नियामक प्रवर्तन, ऑनलाइन कट्टरता की रोकथाम के लिए नए नियमों को नियंत्रित करने की आवश्यकता होगी।

 

Metaverse पर कौन सी कंपनियां काम कर रही है

जैसे की Google, Microsoft, NVIDIA, Fortnite, Roblox Crop technology एक साथ। 

 

$1 संपत्ति की पेशकश के सेट के लिए निवेश लागत का कुल योग है।

 

शिवम

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